
20+ बच्चों की ‘किडनी फेल’ करने वाला गुनहगार दबोचा! जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी श्रीसन फार्मा मालिक G. रंगनाथन चेन्नई से गिरफ्तार
0 देश को झकझोरने वाले ‘कोल्ड्रिफ’ कत्ल-ए-आम का मास्टरमाइंड पुलिस के शिकंजे में
चेन्नई/छिंदवाड़ा-मध्य प्रदेश और राजस्थान में 20 से अधिक मासूमों की जान लेने वाले ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप त्रासदी के मुख्य आरोपी और श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन गोविंदन को आज (9 अक्टूबर 2025) गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार चल रहे रंगनाथन को मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी टीम ने तमिलनाडु के चेन्नई से पकड़ा। उसकी गिरफ्तारी पर ₹20,000 का इनाम भी घोषित था।
जानलेवा लापरवाही: कैसे घुला कफ सिरप में ज़हर?
बच्चों की मौत के बाद हुई जाँच ने चौंकाने वाले खुलासे किए:
* किडनी फेलियर की सुनामी: अगस्त 2025 के अंत में छिंदवाड़ा में बच्चों को यह कफ सिरप दिया गया, जिसके बाद उन्हें उल्टी, पेशाब रुकने और तेज बुखार की शिकायत हुई। सिरप ने बच्चों के गुर्दे (Kidneys) को नाकाम कर दिया, जिससे 20 से अधिक मौतें हुईं।
* 48.6% DEG का ज़हर: जाँच में पता चला कि ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप में अत्यधिक जहरीला केमिकल ‘डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG)’ 48.6% की खतरनाक मात्रा में मिला हुआ था। यह केमिकल स्याही और पेंट जैसे औद्योगिक इस्तेमाल के लिए होता है, न कि दवा के लिए।
* अस्वच्छ फैक्ट्री का पर्दाफ़ाश: तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स की फैक्ट्री अत्यंत अस्वच्छ थी। यहाँ वेंटिलेशन खराब था, उपकरण जंग लगे थे और दवा बनाने के लिए कच्चे माल का कोई परीक्षण नहीं किया गया।
* डॉक्टर भी सलाखों के पीछे: इस मामले में छिंदवाड़ा पुलिस पहले ही उस बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसने सबसे अधिक बच्चों को यह दूषित दवा लिखी थी।
फरार रंगनाथन को आगे की जाँच और पूछताछ के लिए उसकी कंपनी की फैक्ट्री, कांचीपुरम ले जाया जाएगा। इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी भारत सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या यह जहरीली दवा देश के बाहर भी निर्यात की गई थी, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंताएँ बढ़ गई हैं।
