
बड़ी सौगात: पेंडरवानी-चिलगुड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों का वनवास खत्म, बजट में मिली सड़क; होली के बाद शुरू होगा काम
गंडई पंडरिया: -वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्षों से जर्जर सड़क और धूल भरे उबड़ खाबड़ रास्तों से जूझ रहे पेंडरवानी, चिलगुड़ा और शक्तिघाट के ग्रामीणों की मुराद अब पूरी होने वाली है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के विशेष प्रयासों से इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण को बजट में शामिल कर लिया गया है।
मुख्य बातें: एक नज़र में
* लिमो से चिलगुड़ा: 6 किलोमीटर सड़क को मिली स्वीकृति, होली के तुरंत बाद निर्माण हो सकता है शुरू।
* चिलगुड़ा से शक्तिघाट: शेष 5 किलोमीटर सड़क भी बजट में शामिल।
* विकास को गति: जर्जर मार्ग के कारण बरसों से ग्रामीण काट रहे थे दफ्तरों के चक्कर।
* आभार प्रदर्शन: ग्रामीणों ने विक्रांत सिंह के निवास पहुंचकर जताया धन्यवाद।
वर्षों पुराना इंतज़ार हुआ खत्म
बता दें कि पेंडरवानी से चिलगुड़ा और शक्तिघाट तक का मार्ग पूरी तरह जीर्ण-शीर्ष (जर्जर) हो चुका था। उखड़ी हुई सड़कों के कारण राहगीरों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण लंबे समय से शासन-प्रशासन और नेताओं के चक्कर काट रहे थे, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा था। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह की सक्रियता से अब यह कागजी योजना धरातल पर उतरने को तैयार है।
खुशी की लहर: ग्रामीणों ने मनाया जश्न
सड़क की स्वीकृति की खबर मिलते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में हर्ष की लहर दौड़ गई। मंडल अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में पेंडरवानी, चिलगुड़ा और नेवासपुर के सरपंच व बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के निवास पहुंचकर उनका आभार व्यक्त किया।
“यह सड़क हमारे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके बनने से आवागमन सुगम होगा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।” – क्षेत्रीय ग्रामीण

इस दौरान में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य रूप से:
* पेंडरवानी से: सरपंच पति भूपेन्द्र धुर्वे, उप सरपंच दिलेश्वर साहू, पंच दिनेश रजक, संजू साहू, भूपेन्द्र रजक।
* चिलगुड़ा से: सरपंच लेखराम साहू, पंच ओमप्रकाश साहू, बिजेलाल धुर्वे, मोहित साहू, गिरवर धुर्वे, रोहित कोठले, प्रितलाल चंद्रवंशी, रोहणी चंद्रवंशी।
* नेवासपुर से: सरपंच आकाश बंजारे, रतन खानडेकर और दिलीप बघेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
