
गंडई का ‘विभीषण’ गिरफ्तार: जिसके साथ सोया, उसी के घर में लगा दी सेंध; खंडहर में दबा था नगर पंचायत की चोरी का राज!
@’ईगल आई’ से नहीं बच सका शातिर इंद्रजीत, दोस्ती की आड़ में की थी गद्दारी
गंडई पंडरिया-कहते हैं अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन उसे अपनी ही मांद (घर) में वापस आना पड़ता है। नगर पंचायत गंडई में हुई उस रहस्यमयी चोरी का राज अब खुल चुका है, जिसने पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। इस कहानी का विलेन कोई बाहरी नहीं, बल्कि वह शख्स निकला जिसने चौकीदार का भरोसा जीतकर उसके बगल में ही रात बिताई और अंधेरा होते ही नगर पंचायत की ‘सफाई’ कर दी।
दोस्ती, दगाबाजी और फिर फरार…
बीती 23 अप्रैल की रात, आरोपी इंद्रजीत मैथिलश्री ने एक गहरी साजिश रची। वह नगर पंचायत के चौकीदार के पास ही सोया, ताकि किसी को शक न हो। जैसे ही आधी रात को सन्नाटा पसरा, इंद्रजीत ने अपना असली रंग दिखाया। स्टार्टर, केबल वायर और कंप्यूटर सेट… जो हाथ लगा उसे समेटा और अंधेरे में गायब हो गया। सुबह जब ऑफिस खुला, तो सब सन्न थे—सामान गायब था और साथ सोया ‘दोस्त’ भी!

खंडहर में दफन था चोरी का ‘मशरूका’
महीनों तक फरारी काटने के बाद आरोपी को लगा कि मामला ठंडा पड़ गया है। वह जैसे ही चोरी-छिपे अपने गांव पेण्ड्री खुर्द पहुँचा, गंडई पुलिस की स्पेशल टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
पूछताछ में जब पुलिस ने अपना ‘खास तरीका’ अपनाया, तो इंद्रजीत टूट गया। उसने बताया कि चोरी का सामान उसने ग्राम घोघा के रास्ते में एक पुराने डरावने खंडहर के भीतर छुपाया था। पुलिस ने जब वहां दबिश दी, तो धूल फांक रहे कंप्यूटर मॉनिटर, सीपीयू, कीबोर्ड और कीमती केबल बरामद हुए।
पुलिस का कड़ा प्रहार
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गंडई पुलिस ने इस ‘ब्लाइंड केस’ को सुलझाकर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने करीब 23,000/- रुपये का माल बरामद कर आरोपी को सलाखों के पीछे (जेल) भेज दिया है।
(ऑनर सम्पादक एवम रिपोर्टर-विनोद नामदेव गंडई)
