
छुईखदान में शिक्षकों का फूटा गुस्सा, टीईटी से मुक्ति और वेतन विसंगति को लेकर निकाली गई सेवा सुरक्षा पदयात्रा
गंडई पंडरिया:- सेवारत शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से मुक्ति दिलाने, वेतन विसंगति दूर करने और प्रथम नियुक्ति से सेवा की गणना करते हुए वेतन व पेंशन का लाभ दिए जाने की मांग को लेकर शनिवार, 22 अगस्त को शिक्षकों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। शिक्षक साझा मंच के बैनर तले छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ब्लॉक इकाई छुईखदान के नेतृत्व में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद शहर में ‘सेवा सुरक्षा पदयात्रा’ रैली निकाली गई। इस आंदोलन में विकासखंड के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के सैकड़ों शिक्षकों ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
भारी बारिश के बीच शिक्षिकाओं ने संभाला मोर्चा
आंदोलन के दिन लगातार होती रही भारी बारिश भी शिक्षकों के हौसले को नहीं डिगा पाई। सैकड़ों की संख्या में पहुंची महिला कार्यकारी शिक्षिकाओं ने छाता और रेनकोट पहनकर इस आंदोलन का कमान संभाला। ब्लॉक अध्यक्ष टीका देशमुख के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में श्रीमती सीता साहू, तारिका धुर्वे, इंद्राणी साहू, पूर्णिमा जंघेल, आभा सोनी, मोनिका चंदेल, माधुरी नेताम, पद्मिनी चंदेल, रुक्मणी जांगड़े, अर्चना दुबे, चैताली भद्र, श्वेता ठाकुर, रोशनी चंद्राकर, श्रद्धा वैष्णव, बबीता यादव, मेमन धुर्वे, वीणा धुर्वे, रत्ना हरमे, जनता धुर्वे, कविता बघेल, शांति महिलांगे, राजेश्वरी जंघेल और राजकुमारी भारती सहित अन्य शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से मोर्चा संभाला।
15 से 25 साल की सेवा के बाद टीईटी थोपना अन्याय-शिक्षक
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कड़े शब्दों में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि 15, 20 और 25 साल की लंबी सेवा दे चुके शिक्षकों पर अचानक टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अनुचित है। वक्ताओं ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया और आंदोलन को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। ब्लॉक संयोजक कौशल श्रीवास्तव, श्रीमती सीता साहू, दोदेश्वर चंदेल, विजय बंजारे, राजकुमार मसखरे, उमेश साहू, भीखेंद्र जंघेल, तारण धुर्वे, तोकराम सिन्हा, बद्री साहू और ब्लॉक अध्यक्ष टीका देशमुख ने सभा को संबोधित करते हुए अपनी प्रमुख मांगें पुरजोर तरीके से रखीं।
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
शहीद पार्क छुईखदान से शुरू हुई यह आक्रोश रैली बाजार लाइन, पोस्ट ऑफिस और जयस्तंभ चौक से होते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंची। यहां मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, जिसके बाद रैली पुनः धरना स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। इस सफल और अनुशासित आंदोलन में तुलेश्वर सेन, लखन लाल कौशल, सुरेश भंडारी, किशोर जंघेल, सौरभ श्रीवास्तव, राधेलाल कोठारी, अवध चंदेल, कृष्ण गोटे, किशन वर्मा, जगदीश देवांगन, सुधीर नायक, शिवचरण वर्मा, भागचंद साहू, नीलम चतुर्वेदी, हेमंत जांगड़े, ललित साहू, रामाधीन रजक और शिव श्रीवास्तव सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
