
राजनांदगांव की तर्ज पर खैरागढ़ जिले में भी हो कौशल प्रशिक्षण का विस्तार: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी पहल
गंडई पंडरिया-मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 39 (हीरा मोती वार्ड) में महिलाओं और युवतियों के लिए चलाए जा रहे 60 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम ने एक नई मिसाल पेश की है। सामुदायिक भवन में जारी यह प्रशिक्षण न केवल कौशल विकास का जरिया बना है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
पार्षद रवि सिन्हा ने किया प्रोत्साहित
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वार्ड पार्षद श्री रवि सिन्हा ने उपस्थित होकर प्रशिक्षणार्थियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए हुनर को स्वरोजगार में बदलने की बात कही। साथ ही, उन्होंने प्रशिक्षण में सहूलियत के लिए अध्ययन सामग्री (कॉपी एवं पेन) का वितरण किया। पार्षद ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें परिवार की आय में सक्रिय भागीदार बनाने का सशक्त माध्यम है।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के लिए प्रेरणा
यह खबर हमारे नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के लिए भी बेहद प्रेरणादायक है। जिले के विभिन्न वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह के कौशल विकास केंद्रों की महती आवश्यकता है। राजनांदगांव का यह मॉडल यह संदेश देता है कि यदि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि और प्रशासन सक्रिय हों, तो महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोले जा सकते हैं।
जिले में बढ़ेगा स्वरोजगार का ग्राफ
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि खैरागढ़, छुईखदान और गंडई जैसे क्षेत्रों के सामुदायिक भवनों का उपयोग इसी प्रकार सिलाई, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर और अन्य लघु उद्योगों के प्रशिक्षण के लिए किया जाए, तो हमारे जिले की महिलाएं भी स्वावलंबी बनेंगी। इससे न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का एक मजबूत तंत्र विकसित होगा।
प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता है। वे बताती हैं कि ऐसे आयोजन से भविष्य में उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का हौसला मिला है। उम्मीद है कि राजनांदगांव की यह पहल हमारे खैरागढ़ जिले के नीति-निर्धारकों के लिए एक सकारात्मक संदेश साबित होगी और जल्द ही हमारे क्षेत्र में भी ऐसी प्रशिक्षण कार्यशालाएं बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएंगी।
