
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा आदिवासी बच्चों का भविष्य? ठाकुरटोला में निर्माणाधीन छात्रावास में भारी गड़बड़ी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
गंडई-पंडरिया- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के ग्राम पंचायत ठाकुरटोला में आदिवासी बच्चों के लिए बनाए जा रहे छात्रावास भवन के निर्माण में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लगभग 25 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जब ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों को देखा, तो उनका आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। मामला इतना बढ़ा कि ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचीं जनपद पंचायत सीईओ के सामने अपनी पीड़ा रखा।
सीईओ के सामने खुली पोल: सड़क से नीचे भवन, सरकारी बोर भी दबाया
19 मार्च को जनपद पंचायत छुईखदान की सीईओ केश्वरी देवांगन 200 आवासों के लक्ष्य की समीक्षा करने ठाकुरटोला पहुंची थीं। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें निर्माणाधीन छात्रावास स्थल पर ले जाकर धांधली की पोल खोल दी। ग्रामीणों ने दिखाया कि:
बिल्डिंग का तल सड़क से काफी नीचे रखा गया है, जिससे बारिश के दिनों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा होगी। ठेकेदार ने सरकारी बोर को बिल्डिंग के भीतर ही दबा दिया है।छड़ की मोटाई में तकनीकी मापदंडों के विपरीत बदलाव करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

सूचना पटल गायब अंधेरे में रखा जा रहा है ग्रामीणों को
नियमतः किसी भी सरकारी निर्माण कार्य के शुरू होते ही वहां सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य है, जिसमें लागत, एजेंसी और इंजीनियर का विवरण हो। लेकिन यहां 25% काम होने के बावजूद कोई बोर्ड नहीं है। मजदूरों के अनुसार, यह कार्य PWD विभाग द्वारा कराया जा रहा है और इसका ठेका गंडई के किसन यादव के पास है। बिना बोर्ड के काम करना पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
जिम्मेदारों ने क्या कहा?
> “ग्रामीणों की शिकायत पर मैंने स्वयं निर्माणाधीन स्थल का निरीक्षण किया है। पाई गई खामियों के बारे में उच्च अधिकारियों और संबंधित विभाग (PWD) को सूचित किया जाएगा ताकि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित हो सके।”
> — केश्वरी देवांगन, सीईओ, जनपद पंचायत छुईखदान
> “यह भवन हमारे आदिवासी बच्चों के रहने के लिए बन रहा है। उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ और निर्माण कार्य में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से समझौता हमें मंजूर नहीं है।”
> — नरेश धुर्वे, सरपंच, ग्राम पंचायत ठाकुरटोला
>
> “हमने कई बार ठेकेदार और PWD के अधिकारियों को आगाह किया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज विवश होकर ग्राम सभा में आई सीईओ मैडम को हमने जमीनी हकीकत दिखाई है।”
> — राधामोहन वैष्णव, स्थानीय निवासी
ठाकुरटोला के ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण की कमियों को सुधारा नहीं जाता और मौके पर सूचना पटल नहीं लगाया जाता, तब तक काम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
बने रहें हमारे साथ पल-पल की अपडेट के लिए…
