
खौफनाक: अवैध मुरूम लदे ‘यमदूत’ ने कार को मारी जोरदार टक्कर, शिक्षक दंपत्ति की चमत्कारिक ढंग से बची जान
गंडई पंडरिया- क्षेत्र में शाम ढलते ही दौड़ने वाले अवैध मुरूम से भरे ‘हाइवा’ अब मासूम जिंदगियों के लिए काल बनने लगे हैं। रविवार शाम अतरिया-भोरपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार हाइवा ने कार को इतनी भीषण टक्कर मारी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में कार सवार शिक्षक दंपत्ति बाल-बाल बच गए, जिसे प्रत्यक्षदर्शी किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
मौत को मात देकर निकले शिक्षक दंपत्ति
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अतरिया निवासी शिक्षक दिलीप सिंह पुडेटी अपनी पत्नी कल्पना सिंह के साथ कार (CG 08 BG 4092) में राजनांदगांव से काम निपटाकर लौट रहे थे। शाम करीब 6:45 बजे साखा चौक के पास सामने से आ रहे हाइवा (CG 08 AC 8811) के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए कार को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाइवा बीच सड़क पर ही पलट गया और कार का ऊपरी व सामने का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया।

घंटों फंसे रहे, ग्रामीणों ने निकाला बाहर
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दंपत्ति कार के भीतर बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर करीब आधे घंटे तक आवागमन बाधित रहा, जिसे बाद में दो जेसीबी की मदद से बहाल किया गया। घायल दंपत्ति को तत्काल छुईखदान अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित बताया गया है, हालांकि उनके सिर, कमर और पीठ में अंदरूनी चोटें आई हैं।
अवैध मुरूम का ‘खूनी’ खेल: रसूख के आगे प्रशासन मौन?
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। सूत्रों का दावा है कि दुर्घटनाग्रस्त हाइवा अवैध मुरूम से लदा हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में शाम होते ही सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध उत्खनन का काला खेल शुरू हो जाता है। पकड़े जाने के डर से ये हाइवा चालक सड़कों पर बेतहाशा रफ्तार से वाहन दौड़ाते हैं। विभाग की चुप्पी ने इन ‘खनिज माफियाओं’ के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि अब वे आम नागरिकों की जान लेने पर उतारू हैं।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए छुईखदान पुलिस ने हाइवा चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(A) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। लेकिन सवाल वही है— क्या प्रशासन केवल धाराओं तक सीमित रहेगा या इन अवैध खदानों और मौत बनकर दौड़ते वाहनों पर भी कोई नकेल कसेगा?क्या खनिज विभाग ने इस ओर अपनी मौन सहमति दे रखी है जिसके चलते अवैध खनन करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद है।
