
गंडई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार, पर क्या पकड़ा जाएगा ‘असली सौदागर’?
गंडई पंडरिया- जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गंडई पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कुम्हारपारा (वार्ड 10) स्थित टावर के पास घेराबंदी कर **मंगल तिवारी** को गिरफ्तार किया। आरोपी अपनी टीवीएस एक्सएल (CG 08 BE 3339) की डिक्की में छिपाकर गांजा बेच रहा था। पुलिस ने मौके से **2 किलोग्राम गांजा** और वाहन सहित कुल **30,000 रुपये** का मशरुका जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
सवालों के घेरे में ‘मुख्य सरगना’
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर इलाके में सक्रिय गांजा माफियाओं की जड़ों को हिला दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या मंगल तिवारी सिर्फ एक मोहरा है? चर्चा है कि इसके पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड है जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा है। यदि पुलिस आरोपी से कड़ाई और बारीकी से पूछताछ करे, तो गंडई में फैल रहे नशे के इस जाल का बड़ा खुलासा हो सकता है।
नशे का ‘हब’ बनता गंडई: युवा पीढ़ी पर संकट
गंडई क्षेत्र पिछले कई वर्षों से गांजे के अवैध कारोबार के लिए सुर्खियों में रहा है। सूत्र बताते हैं कि गंडई अब आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए गांजे का **’थोक और चिल्हर सप्लाई केंद्र’ बन चुका है। गंडई से ही गांवों में नशे की खेप भेजी जा रही है।
बर्बाद होता बचपन:- आसानी से उपलब्ध हो रहे नशे के कारण स्कूली बच्चे और नवयुवा तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।
अधूरा खुलासा:- पुलिस समय-समय पर कार्रवाई कर आरोपियों को जेल भेजती है, लेकिन थोक व्यापारियों तक हाथ न पहुँचने के कारण यह धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा।
जड़ तक पहुँचना जरूरी
आखिर गंडई में गांजे की इतनी बड़ी खेप आती कहाँ से है? इसका स्रोत क्या है? स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस केवल छोटे तस्करों तक सीमित न रहे, बल्कि उन रास्तों और सप्लायरों का पर्दाफाश करे जो गंडई की शांत आबोहवा में जहर घोल रहे हैं। जब तक नशे के असली सौदागरों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक युवाओं का भविष्य अंधकार में ही रहेगा।
