
गंडई पुलिस की सबसे बड़ी हिट! गुजरात से आ रहा ‘ज़हर’ पकड़ा गया, 6 तस्कर समेत 1 नाबालिग NDPS एक्ट में गिरफ्तार
गंडई पंडरिया- जिला पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत कार्रवाई करते हुए, गुजरात से प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल की तस्करी कर रहे 6 मुख्य आरोपियों और 1 नाबालिग को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इन तस्करों के पास से कुल 3184 नग SPAS & TRANSCEN PLUS ट्रमाडोल कैप्सूल जब्त की है, जिसकी कीमत लाखों में है।
अंतर-राज्यीय सप्लाई चेन का भंडाफोड़
केसीजी पुलिस टीम को लंबे समय से गंडई क्षेत्र में नशीली कैप्सूल की अवैध बिक्री की सूचना मिल रही थी, जिसके चलते नवयुवक नशे के दलदल में फंस रहे थे। 07 नवंबर 2025 को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी गुजरात के भरूच जिले के दहेज से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल खरीदकर दो मोटर सायकल से गंडई की ओर आ रहे हैं।
सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने गंडई के ग्राम ठंढार के मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से दो बैगों में 398 स्ट्रीप (3184 नग कैप्सूल) बरामद की गईं।

जब्त संपत्ति: प्रतिबंधित कैप्सूल के अलावा, पुलिस ने दो मोटरसाइकिलें और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य ₹1,66,669/- आँका गया है।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से गुजरात से नशीली टैबलेट लाकर गंडई क्षेत्र में बिक्री कर रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज रही है।
गिरफ्तार आरोपी:
* मोहित सतनामी (35 वर्ष) साकिन गंडई।
* राहुल गायकवाड़ उर्फ चोंटी (22 वर्ष) वार्ड नं. 08 रावणपारा, गंडई।
* शहबाज खान उर्फ पप्पू (33 वर्ष) वार्ड नं. 11 गंडई।
* शैलेश कुमार टण्डन उर्फ सिल्ली (33 वर्ष) साकिन गंडई।
* उत्तम रात्रे (24 वर्ष) वार्ड 08 रावणपारा, गंडई।
* एक विधि विरूद्ध संघर्षरत बालक (नाबालिग)।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित मादक पदार्थ के सप्लाई चेन में संलिप्त अन्य बड़े तस्करों की भी शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। इस कार्रवाई को केसीजी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने युवा पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल रहे एक बड़े नेटवर्क को तोड़ दिया है।
इस प्रकार खोखला कर रहे थे युवाओं का शरीर
नशीली दवा ट्रमाडोल (Tramadol) का शरीर पर विपरीत असर
केसीजी पुलिस द्वारा जब्त की गई नशीली दवा ट्रमाडोल (Tramadol) एक ओपिओइड (Opioid) वर्ग की दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग गंभीर दर्द को कम करने के लिए डॉक्टरों की सलाह पर किया जाता है। हालांकि, जब इसका सेवन अवैध रूप से, उच्च खुराक में या बिना चिकित्सकीय सलाह के किया जाता है, तो यह शरीर और मस्तिष्क पर अत्यंत गंभीर और विनाशकारी विपरीत असर डालती है।
1. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर असर
ट्रमाडोल मुख्य रूप से मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है, जिससे निम्नलिखित गंभीर स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं:
* लत और निर्भरता (Addiction and Dependence): बार-बार सेवन करने से शरीर और मस्तिष्क इस पर पूरी तरह निर्भर हो जाता है। लत लग जाने पर व्यक्ति इसे प्राप्त करने के लिए कुछ भी कर सकता है।
* श्वसन अवसाद (Respiratory Depression): ओवरडोज या अत्यधिक सेवन से सांस लेने की गति धीमी हो जाती है या रुक सकती है, जो सीधे मृत्यु का कारण बन सकती है।
* मूर्छा और कोमा: अत्यधिक सेवन से व्यक्ति बेहोशी की हालत में जा सकता है और गंभीर मामलों में कोमा में भी जा सकता है।
* सेरोटोनिन सिंड्रोम (Serotonin Syndrome): यह एक जानलेवा स्थिति है, जिसमें भ्रम, उच्च रक्तचाप, तेज़ हृदय गति, कंपकंपी और गंभीर मांसपेशियों में अकड़न हो सकती है।
2. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव
नियमित और अवैध रूप से ट्रमाडोल का सेवन करने वाले युवाओं में ये दीर्घकालिक समस्याएं देखी जाती हैं:
* मिर्गी या दौरे (Seizures): ट्रमाडोल, विशेष रूप से उच्च खुराक में, मस्तिष्क में दौरे पड़ने (मिर्गी) का खतरा काफी बढ़ा देती है।
* गुर्दे (Kidney) और यकृत (Liver) की क्षति: शरीर को दवा को संसाधित करने के लिए अत्यधिक काम करना पड़ता है, जिससे लीवर और किडनी खराब हो सकते हैं।
* पाचन समस्याएं: गंभीर कब्ज, मतली और उल्टी, जो कुपोषण का कारण बन सकते हैं।
* मानसिक स्वास्थ्य विकार: लंबे समय तक सेवन से गंभीर डिप्रेशन (अवसाद), चिंता, चिड़चिड़ापन और पैरानोइया (भ्रम) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
* लक्षण (Withdrawal Symptoms): जब व्यक्ति दवा लेना बंद करता है, तो उसे असहनीय विथड्रावल लक्षण (जैसे: गंभीर दर्द, दस्त, अनिद्रा, पसीना और तेज दिल की धड़कन) महसूस होते हैं, जिसके कारण वह बार-बार नशा करने को मजबूर होता है।
* सामाजिक और आर्थिक बर्बादी: नशे की लत से पीड़ित युवा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो जाते हैं, जिससे उनका परिवार और कैरियर पूरी तरह बर्बाद हो जाता है।
यह दवा वास्तव में एक ‘धीमा जहर’ है जो युवा पीढ़ी को शारीरिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर खोखला कर रहा है।
