
भ्रष्टाचार पर पर्दा 191 मीटर की जगह 64 मीटर सड़क बनाने वाले ठेकेदार पर मेहरबान अधिकारी, बिना कार्यवाही के पुनः कार्य
गंडई पंडरिया- नगर पंचायत गंडई के टिकरीपारा वार्ड क्रमांक 13 में हुए सीसी रोड निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिकायत होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि दोषी ठेकेदार और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही होगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। सम्बंधित ठेकेदार या जिम्मेदार के ऊपर किसी प्रकार का कोई दंडात्मक कार्यवाही नही किया गया । बल्कि ठेकेदार के द्वारा बचे हुए सड़क का निर्माण कार्य आरंभ करवा दिया गया।अब ठेकेदार ने उक्त कार्य को किसके इशारे पर पुनः आरंभ किया है,क्या कार्य पूर्ण कर देने पर पूरे मामले को खत्म कर दिया जाएगा। पहले गलती करो बाद में गलती पकड़ में आ जाने पर सुधार कर दो और कार्यवाही भी नही हो ये नया नियम बनाया गया है इस प्रकार के सवाल नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अधूरा निर्माण और भुगतान पूरा
विगत वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना मद के तहत खिलावन देवांगन के घर से देवांगन भवन सोसायटी चौक तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 42 हजार रुपए का वर्क ऑर्डर स्थानीय ठेकेदार किशन यादव को जारी किया गया था। वार्ड पार्षद सावंत देवांगन की जागरूकता से यह खुलासा हुआ कि कागजों में 191 मीटर सड़क दर्शाकर ठेकेदार को 4 लाख 20 हजार रुपए का भुगतान भी कर दिया गया, जबकि मौके पर मात्र 64 मीटर सड़क ही बनी थी।जिस पर पार्षद ने आपत्ति दर्ज करवाई थी आपत्ति के आधार पर जांच कर कार्यवाही किया जाना था परंतु जांच कार्यवाही न किया जाना राजनीतिक दबाव या साठगांठ की ओर इशारा करती है।
नोटिस के नाम पर केवल खानापूर्ति
पार्षद सावंत देवांगन ने मामले की लिखित शिकायत नगर पंचायत सीएमओ को करते हुए प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और क्षेत्रीय संचालक दुर्ग भी भेजा था। शिकायत के बाद सीएमओ अविनाश देवांगन ने जांच का आश्वासन देते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी किया था। किंतु, अब तक कोई वसूली या ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्यवाही नहीं हुई। आश्चर्य की बात यह है कि जिस ठेकेदार पर गबन का आरोप है, वह अब फिर से उसी सड़क के निर्माण कार्य में जुट गया है। सवाल यह उठता है कि जब मामला जांच के अधीन है, तो उसे कार्य शुरू करने की अनुमति किसने दी?
इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत के संकेत
नगर पंचायत में उप अभियंता का पद रिक्त होने के कारण पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर आर.के. बांधे को अस्थाई प्रभार दिया गया था। जिनके द्वारा नगर पंचायत के निर्माण कार्यो का भौतिक सत्यापन का कार्य किया जा रहा था इसी दौरान उन्होंने उक्त 191 मीटर सड़क का भी मूल्यांकन किया था। इसी मूल्यांकन के आधार पर लेखा शाखा से आनन-फानन में चेक जारी कर संबंधित ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जो पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में खड़ा करता है।
निर्माण कार्यों में मची है भर्राशाही
नगर पंचायत गंडई में केवल यही एक मामला नहीं है। पूरे क्षेत्र में निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं नगर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। बिना जरूरी स्थानों पर चेकर टाइल्स लगाना, एक ही नाली का बार-बार निर्माण करना सहित अन्य खामियां अब आम बात हो गई है। अगर जागरूक पार्षद सावंत देवांगन ने इस मामले को प्रमुखता से नहीं उठाया होता, तो यह भ्रष्टाचार भी फाइलों में दबकर रह जाता। वर्तमान में बिना कार्यवाही के दोबारा काम शुरू होना शासन और प्रशासन की साख पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।इस मामले पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चेतन राम देवांगन के द्वारा भी उच्च अधिकारियों और नेताओ को कार्यवाही के लिए आवेदन किया गया है।
वर्जन-अनिल अग्रवाल जिला कोषाध्यक्ष भाजपा ने बताया कि सड़क निर्माण में कम सड़क निर्माण कर पूरा भुगतान कर दिए जाने की शिकायत हमारे पार्षदगणो ने की थी शायद जांच मे भी शिकायत सही भी पाया गया है
कार्यवाही होनी चाहिए।
वर्जन-भिगेश यादव पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कांग्रेस ने बताया कि नगर पंचायत में लगातार कई वर्षों तक किशन यादव द्वारा कार्य किया गया है,जो हमेशा से विवादित और अमानक कार्य करने में माहिर ठेकेदार है भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता भी है । पूरी जांच होनी चाहिए
वर्जन-सीएमओ अविनाश देवांगन से मोबाइल पर सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि सम्बंधित ठेकेदार और इंजीनियर को नोटिश जारी किया गया एवम कार्य को पूर्ण करने को कहा गया है।अगर दोबारा शिकायत प्राप्त होती है तो ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
