
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘चकनार गौधाम’ का वर्चुअल शुभारंभ; गौ-संरक्षण की दिशा में बढ़ा कदम
गंडई पंडरिया-प्रदेश में गौ-वंश के संरक्षण और संवर्धन के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को ‘गौधाम’ योजना का भव्य शुभारंभ किया। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत चकनार नर्मदा में नवनिर्मित गौधाम गौशाला का वर्चुअल उद्घाटन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर सहित जिले के आला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की।
भक्तिमय शुरुआत और सीधा प्रसारण
कार्यक्रम का आगाज अतिथियों द्वारा भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात गौ-वंश का तिलक लगाकर पारंपरिक पूजन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने बिलासपुर से प्रसारित मुख्यमंत्री के मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और योजना की बारीकियों को समझा।
पशु संरक्षण और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि खम्हन ताम्रकार ने कहा, “गौधाम योजना सरकार की दूरगामी सोच का परिणाम है। सड़कों पर घूमते मवेशी न केवल असुरक्षित हैं, बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। यह योजना उन्हें सुरक्षित छत और चारा उपलब्ध कराएगी।” वहीं, गंडई नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टारकेश्वर साह ने इस योजना को हर ग्राम पंचायत की अनिवार्य जरूरत बताया।
समूहों के लिए स्वरोजगार का अवसर: अनुदान की जानकारी
पशु विभाग के नोडल अधिकारी विनय मिश्रा ने ग्रामीणों को योजना के आर्थिक पहलुओं की महत्वपूर्ण जानकारी दी:
* निर्माण एवं मरम्मत: प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अनुदान।
* चारा विकास: 47 हजार से पौने तीन लाख रुपये तक की सहायता।
* मानदेय: गौ-सेवक को 13,126 रुपये और चरवाहे को 10,916 रुपये प्रतिमाह।
* पशु आहार: पशुओं के पोषण के लिए प्रतिदिन की दर पर 10 से 35 रुपये तक की राशि।
वर्तमान में चकनार गौधाम में 100 से अधिक मवेशियों की देखरेख की जा रही है, जहाँ उन्हें उत्तम चारा और चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
कार्यक्रम में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल, सरपंच वंदना लालचंद पटेल, गौधाम समिति के अध्यक्ष कालू राम जंघेल, सुभाष, उत्तम राजपूत, इन्द्रजीत, श्रवण कुमार, दसरथ, खिलावन सेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर ने चकनार समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य पंचायतों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
