
गंडई नगर में सड़कों का बुरा हाल, मुख्य और ग्रामीण मार्ग पूरी तरह जर्जर; तत्काल मरम्मत की मांग
गंडई पंडरिया-गंडई नगर क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण अंचलों में सड़कों की हालत बेहद दयनीय हो गई है। लोक निर्माण विभाग , प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना , मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और नगर पंचायत द्वारा निर्मित अधिकांश सड़कों की माली हालत ख़राब है। इन जर्जर मार्गों पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
धूल का गुबार और दुर्घटना का खतरा
सड़कों की ख़राब स्थिति के कारण यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ एक ओर अचानक सामने आने वाले गहरे गड्ढे सरपट दौड़ती बाइक और कारों के लिए खतरा बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन टूटी सड़कों से उड़ने वाला धूल का गुबार लोगों की आँखों और स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या पैदा कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गाड़ियों में खराबी आना और दुर्घटनाएं होना अब आम बात हो गई है।
प्रमुख प्रभावित मार्गों का विवरण
नगर और क्षेत्र को जोड़ने वाले कई महत्वपूर्ण मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति बेहद गंभीर है:
गंडई से पंडरिया पहुच मुख्य मार्ग :- इस मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर, विशेषकर सड़क के बीचों-बीच, छोटे बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनकी मरम्मत अत्यंत आवश्यक है।
गंडई से छीराहिडीह पहुच मार्ग: यह पहुंच मार्ग भी कई जगहों पर जर्जर हो गया है।
गंडई से बाईपास (ठंडार पहुँच मार्ग): यह मार्ग लगभग पूरी तरह से ‘बर्बाद’ हो चुका है और आवागमन के लिए खतरनाक है।
गंडई से छुईखदान पहुच मुख्य मार्ग: सिंचाई विभाग गंडई के सामने का हिस्सा जर्जर हो गया है।
पंडरिया से मगरकुंड पहुच मार्ग: यह मार्ग भी पंडरिया से बिरखा गाँव तक बुरी तरह से खराब हो गया है।
नगर के आंतरिक मार्ग: नगर पंचायत के अधीन आने वाले कुछ आंतरिक मार्ग भी अब खराब होने लगे हैं।
तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इन सभी क्षतिग्रस्त मार्गों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने की अपील की है।
नागरिकों की मांग है कि”जब तक सड़कों की पूर्ण मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होता, तब तक नागरिकों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। छोटे गड्ढों में ईंट भट्ठे का डस्ट (राख) या मुरूम या कोई अन्य मटेरियल डलवा दिया जाए, ताकि कम से कम कुछ समय के लिए सड़कें चलने लायक हो सकें,” एक स्थानीय नागरिक ने कहा।
( रिपोर्टर-विनोद नामदेव की कलम से..)
