
गंडई में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या इंसानों के लिए बनने लगा खतरा, बधियाकरण और टीकाकरण कैंप की मांग
गंडई पंडरिया- गंडई क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की संख्या में अनियंत्रित वृद्धि ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। कुत्तों को मारने पर प्रतिबंध लगने के बाद, हर साल इनकी संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप अब ये आवारा कुत्ते झुंड बनाकर क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुत्तों के ये झुंड बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा खतरा साबित हो सकते हैं। पूर्व में भी गंडई में कुत्तों के काटने की कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिनमें मासूम बच्चों और बछड़ों सहित अन्यो को कुत्तों ने काटा था। इतना ही नहीं, रात के समय ये कुत्ते बाइक चालकों पर भी अचानक हमला कर देते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या और खाने के अभाव के चलते ये अब झुंड बनाकर शिकार करने की कला सीख रहे हैं, जो उनकी आक्रामकता को और बढ़ा रही है। इस स्थिति के कारण इंसानों और मवेशियों में रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय लोगों ने पशु चिकित्सा विभाग और नगर पंचायत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। निवासियों की मुख्य माँग है कि कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर पंचायत स्तर पर कैम्प लगाकर बधियाकरण (नसबंदी) अभियान चलाया जाए। लावारिस कुत्तों का टीकाकरण कैम्प लगाकर रेबीज बीमारी के फैलाव पर रोक लगाई जाए।

गंडई स्वाथ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर प्रशांत सोनी ने बताया कि दो माह में 30 लोगो को कुत्ता काटने का मामला हास्पिटल में आया है जिसमे
सितंबर माह में 22 एवम अक्टुबर माह में 10 कुत्ता काटने का मामला आया था सभी को रैबीज का टीका लगाया गया है ।
